विशाल हरियाणा, (vishal haryana)part3


विशाल हरियाणा, (vishal haryana)
Part3

ऐसी स्थिति में सर्वसम्मति से राव तुलाराम स्मारक समिति की दिनाक १.७.१४ी vी।
भीमें, जो राजकुमारी श्रीमती मात्रा बाई की अशाला में शरीर लगा
| मैया हाल में सम्पन्न हुई, यह प्रस्ताव सवनम्मति से पारित किया गया कि दिनाक 2.9.
| को शहीद दिवस के शभ अवसर पर भारत रत्न श्रीमती इन्दिरा गांधी को निर्माण
किया जाएगा । उसी दिन यानी 23 सितम्बर, 1971 को राव तला राम पाक में अपने समस्त
उत्तरी भारत के कारकरताओं की सहमति से इस देश के अन्य जाने माने कशलराजनैतिशों
की उपस्थिति में,आपने लाखों की संख्या में उपस्थित स्वाभिमानी व विश्वासनीय अनुयाइयो
के साथ, भावनाओवडा ने चित विशाल हरियाणा पाटी को श्रीमती इन्दिरा गाधी के
नेतृत्व वाली-भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (इ) में मज कर दिया। तथा सभी
अनुयायों सहयोगियों व साधनों के साथ इस संकटकाल में, त्याग की मूर्ति, वीरांगणी, देश
की नेता, श्रीमती इन्दिरा गांधी का नेतृत्व स्वीकार किया। और जब समय आया तब
तत्कालीन सत्ताधारियों को यह सिद्ध करके दिखाया कि ताजमहल में विचरण करने वाला,
राष्ट्रीय नेता के साथ किए गये अन्याय के प्रति रोष प्रकट करने की गज मे, अभ्बाला जेल में
भी अपना जीवन बिता सकता है। परिणामस्वरूप राव साहब को-श्रीमति इन्दिरा गांधी के
जेल भेजने सम्बन्ध विषय को लेकर अन्य साथियों के साथ. अम्बाला जेल में भी जनना
सरकार के उक्त निर्णय के प्रति रोष प्रकट करत हो-जाना पड़ा।
वर्ष 1980 में लोकसभा के मध्यावती चुनाव सम्पन्न हो। इन 1980 के चुनाव में,
भारतीय जनता ने, श्रीमती इन्दिरा गांधी की नीतियों में पन विश्वास प्रकट किया तथा भारी
संख्या में उनकी पार्टी को लोकसभा चुनाव में विजयी बनाया। इस प्रकार मे जनवरी, 1980
को पन: श्रीमती इन्दिरा गांधी के नेतृत्व में सरकार गठन हुई। राव अपनी महेन्द्रगढ़
पार्लियामेन्टरी हल्के से, सांसद के रूप में निर्वाचित हुए । श्रीमती इन्दिरा गांधी ने-महेन्द्रगढ़
की जनता का मान देश भर में सर्वोपरि रखते हुए जनता की त्याग भावना वनिस्वार्थ प्रेम की
सराहना करते हुए, स्वयं के बाद सबसे पहले नं. दो पन-राव बीरेन्द्र सिंह जी को भारतीय
कृषि मंत्री के रूप में शपथ दिलवाई। (चित्र) जो शपथ ममारोह राष्ट्रपति भवन में दिनांक
14-1-1980 को सम्पन्न हुआ।
क्योकि राजनीति में प्रवेश के समय से ही आपकी यह प्रबल भावना रही है कि किसान व
मजदूर के सामान्य जीवन के उत्थान के साथ-साथ, देहात की प्यासी धरती व किसान की
सिंचाई व पेयजल पत्ति जैसी बुनियादी आश्वयकाताओं को पराकिया जावे। श्रीमती इन्दिरा
सांधी ने भी आपकी इस किसान सेवा भावना की कदर करते हए, सव को अपने मंत्री मण्डल
में कृषि मंत्रालय का भार सौपा । जो मंत्रालय भूतपूर्व प्रधान मंत्री प. जवाहर लाल नेहरू की
निगाह में भारत के प्रधानमंत्री से दूसरे धड़े का स्थान माना जाता रहा है। इस दौरान में
भारतीय कृषि मंत्री के अतिरिक्त-आपकी कायक्षमता व कलम की मजबूती देखते हुए,
श्रीमती इंदिरा गांधी ने भारत के सिंचाई मंत्रालय ग्रामीण पुनर्विकास मंत्रालय, खादय एवं
नागरिक आपूर्ति मंत्रालय इत्यादि अनेकों महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार भी सौँंपा, इस
प्रकार से इस आशय की पुष्टि हुई

कदम चूम लेती है बढ़ कर मंजिल,
पर जो मुसाफिर हिम्मत न हारे।

जिस रावी व्यास जल वितरण मद्दे को लेकर वर्ष 1956 से आज तक, राव जी हरियाणा
के सूखे देहात व प्यास से व्याकल धरती की आह को समझते हुए पुख्ता सिंचाई साधनों

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