विशाल हरियाणा(vishal haryana)

विशाल हरियाणा पार्टी का प्रभुत्व तथा परिणाम

विशाल हरियाणा पाती-जिसके आप जन्मदाता हैं, के मूलभत सिद्धांतों व उद्देश्यों:
हो ५ ०६), हामी पलियामेन्ट के मेयर सर्व सम्पन्न व्यक्ति
॥ ॥ २५॥ अनशन व नेता ॥ लाल सिंह, जिन्होंने वर्ष 1967 में एक स्वतः
बार । है । हल्या सहारनपुर (उ.प्र.) से लोकसभा का चुनाव जीता था
विशाल हरियाणा पार्टी की नमाईतदर्गी हासिल की और इसी प्रकार से महाराजा भरपर 3
0 हजार ५५ ०67 ॥ ही, भरतपुर से लोक सभा चुनाव एक स्वतंत्र प्रत्या
। ।।, 7 [जस पर महाराजा के ठिकाने को, हिंदुस्तान का जाट अपन
५५ । । अमर है, उसी भरत पराशे से सम्बन्धित महाराजा विजेन्द्र सिंह
३. गोपाल सिंह के साथ हिंदुस्तान की पार्लियामेंट में बैठ कर अपने आपको स्वतन्
श्र नावाचा न के बाद विशाल हरियाणा के सिद्धांतों का हामी व अन्याः
प्रतिशत किया । अ. यशपाल सिंह मासद को, एक दिन उत्तर प्रदेश विशाल हरियाणा पाः
शाखा ॥ चेयरमैन तथा सांसद ब्रजेन्द्र सिंह के भाई राजा मान सिंह को राजस्थान विश
हरियाणा शास्षा का चेयरमैन नियुक्त किया ।
इस घर में विशाल हरियाणा पार्टी की स्थापना वर्ष 1967 में हई-उसी समय
उपरोसाद ने इस पारी की सदस्यता ग्रहण की और लोकसभा में विशाल हरियाणाः ।
के समथ की गियर म बठे।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हाईकमान भीमराव के अभनपुर व्यक्तित्व व साफगोई नीड
प्रभावित हा विना न रह सकी । जिसका ऐतिहासिकसबत वर्ष ।977 का लोक सभाई चत
है। इस चुनाव में आपके मकावल महेन्द्रगढ़ लोकसभा चुनाव क्षेत्र से-भारतीय राष्
कांग्रेस पार्टी ने, अपना कोई उम्मीदवार तक खड़ा नहीं किया। बल्कि एलानिया के
मान्ड ने यह निर्णय लिया कि महेंद्रगढ़ लोकसभा चुनाव क्षेत्र में, वह
समधन, राब को देना साबित करती है। यह दूसरी बात है कि तत्कालीन सत्ताधारी क
पारी का समर्थन किस पार्टी के प्रति भारतीय जनता की विशेष नाराजगी होने के कारण
पा। जिसका प्रमाण समस्त उत्तरी भारत में कांग्रेस (इ) को एक भी स्थान ना मिलन
साल 1977 में कीमती पर जनता पार्टी बहुमत के आधार पर एक सत्ताधारी।
प में उभर कर आई । दभांग्यवश इस पार्टी से सम्बन्धित सांसद या मत्रीमण्डल के
आपसी स्वार्थ के टकराव में तत्कालीन जनता सरकार, जनता जनांदन की भा
फलीभत न कर सकीं। न ही जन समुदाय के निर्वाचन की कदर कर पाई। भारतीय
वर्ष 1977 में लोकसभा चुनाव में जो अपना गुस्सा, इससे पर्व सत्ताधारी
की नीतियों के विरुद्ध,मतदान द्वारा प्रकट किया उस गुस्से में किये गये निर्णय
बाद उसी तेजी से महसूस भी किया गया । इसी जनता सरकार के कार्यकाल में ऐसी -
सरकार भी, चौ, चरण सिंह जी के नेतृत्व में गठित हई, जिस सरकार या मंत्ीमण्डल,
दिन भी हिंदुस्तानी पार्लियामेन्ट का अधिवेशन बुलाने या गणतंत्रात्मक उंग ?
कहलाने के अधिकारी अवश्य बने ।
को सम्बोधित करने का, अवसर प्राप्त न हुआ। अलबत्ता भारत के भतपुजं प्रका
ऐसी स्थति में देश की जनता की पुकार 'इंदिरा लाओ देश बचाओ किरसे जगान

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