सहमति की शक्ति(shamati ki sakti), part3

सहमति की शक्ति(shamati ki sakti), 
Part3
आपकी समझ ही आपकी सलाहकार है। जीवन में आपको बहुत सी सलाह
मिलेंगी पर सबसे कीमती सलाह यह है कि हमेशा सोच-समझकर सलाह लिया
करें। सलाह बाहर हो पर समझ अपनी हो, इस नियम का पालन करनेवाले
अपने लक्ष्य और उसके बीच आनेवाले प्रलोभनों को जान पाते हैं।

एक सलाह गाँठ बाँध लें। सलाह यह है कि कभी भी किसी मुर्ख को
सलाह न दें। मूर्ख को दी गई सलाह व्यर्थ ही जाती है और कई बार यह ऐसी
प्रतिक्रियाओं को जन्म देती है कि कुछ कहते नहीं बनता। अकसर इसान अपात्र
लोगों को सलाह देकर खुद फंस जाता है।

स-शब्द' में ‘स' का अर्थ सलाह और शब्द का अर्थ है उद्गार। सुबह से
लेकर रात तक जिन शब्दों को आप मुँह से निकालते हैं, वे हैं उद्गार। जरा सोचे
कि किसी विषय पर चर्चा करते समय आपकी जुबान पर नकारात्मक शब्द चढे
होते हैं या सकारात्मक शब्दों की अधिकता होती है?

‘स-शब्द शक्ति को अगर अंग्रेज़ी शब्द दिया जाए तो वह होगा - पावर
ऑफ़ एडवर्डस् (Adwords)। यहाँ एड का अर्थ है - एडवाइस (सलाह) और
वर्ड्स का अर्थ है (शब्द)।

शब्दों में अद्भुत शक्ति छिपी है। जो लोग इसका सही इस्तेमाल करना
नहीं जानते, वे गलत शब्दों का प्रयोग करके, अनारकली की तरह खुद को ही
और में जिदी चुनवाने की सजा देते हैं। अनारकली को तो दूसरे लोगों ने दीवार
में जिदा चुनवाया था मगर अनजाने में इंसान स्वयं को ही दीवार में चन
है। वह नहीं जानता कि उसका एक-एक शब्द ईट और पत्थर जैसा है। हर शब्द
यो से यदि दीवार बन रही हो तो इसान जीते जी खुद अपनी कब्र तैयार क
लेता है।
अब आप शब्दों के प्रति सजग हो जाएँ। स-शब्द शक्ति जादू की छडी है।
नजर रखें कि आप इसे कैसे घुमा रहे हैं? अगर आपके अंदर शब्दों का सही चयन
करने की समझ आ गई तो कुछ ही समय में आपके जीवन के हर क्षेत्र, चाहे वह
स्वास्थ्य हो, आजीविका हो, रिश्ते हो या करियर, हर कहीं सुधार आने लगे।
सजगता से किया गया शब्दों का प्रयोग, आपके जीवन में जादुई परिवर्तन लाएगा।

शब्दों के बदलते ही परिणाम बदलने लगते हैं। इसलिए हर शब्द की कीमत
समझे। सुबह से लेकर रात तक आप जिन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, उनके
प्रति सजग हो जाएँ। यदि कोई आपसे नकारात्मक शब्दों में बात करे तो आप उन
शब्दों को पुल बनाएँ। जैसे आपको बताया गया कि एक बुरे इसान से भी अच्छी
सलाह मिल सकती है, पर इस बात की परख कैसे हो? इसके लिए आपको बस
एक छोटा सा प्रयोग करना होगा।

प्रयोग यह है कि जिन लोगों ने आपको जो-जो सलाह दी हैं, उन्हें एक
। साल के अंत में परिणाम आपके सामने होगा कि किसकी
सलाह कारगर रही और किसकी व्यर्थ साबित हुई, कौन सही परामर्शदाता है और
कौन रायसाहब है। रायसाहन यानी बात-बात पर राय देनेवाले लोग। यह भी हो
सकता है कि जिनकी सलाहों को आप बेकार मान रहे थे वही सर्वश्रेष्ठ साबित
हो, वे ही आपका आत्म मनोबल बढ़ाने में कामयाब हो।

सालभर में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। आप जान पाएँग
कि कई बार अतार्किक लगनेवाली सलाहें भी काम करती हैं, फिर आपक अप
सलाह को तुरंत ख़ारिज करने की प्रवृत्ति मिटने लगेगी। इसलिए सलाह मिल
उसे समझो, मन करे, देखते ही ख़ारिज न कर दें।
लोगों द्वारा दी गई सलाह परखने के साथ, यह भी देखें कि आपकी
लेना आता है अथवा नहीं। इसके लिए खुद ही खुद को एडवर्ड्स् देना शुरू करें।
रात को सोते वक्त खुद से कहें, चलो, मुझे एक सलाह दी। ये शब्द आपके

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